Bewafa (बेवफ़ा)
दिल के ज़ख्म और यादें: बेवफ़ा (Bewafa) शायरी दर्द-ए-दिल की आवाज़ वो जो कहते थे कभी साथ न छोड़ेंगे, आज वही ज़िंदगी में बनकर आए बेवफ़ा (बेवफ़ा) । वादाखिलाफी उनकी वफाओं का दावा कुछ और था, हकीकत में तो निकले वो बेवफ़ा (बेवफ़ा) और। अधूरी कहानी हर कहानी का एक अंत होता है, पर मेरी कहानी का अंत एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) निकली। दिल की टूटन टूट गए हैं सपने, बिखर गए हैं अरमान, जब से मिला है मुझे एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) इंसान। अकेलापन अकेले ही काटनी है अब ये ज़िंदगी, क्योंकि छोड़कर चली गई एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) साथी। ...